12 अप्रैल को भोपाल में जारी कृषि रोडमैप ने रायसेन, विदिशा, सीहोर और देवास के लिए स्थानीय रणनीतियां रखीं।

पानी के हिस्से में सूक्ष्म सिंचाई, चौड़ी क्यारी–नाली और खेत तालाब हैं। मिट्टी के लिए स्वास्थ्य मानचित्रण और सूक्ष्म पोषक तत्वों का संतुलन है।

फसल-विविधता, अंतरफसल, बीज ग्राम, किसान उत्पादक संगठन और ई-नाम से बाजार संपर्क भी सूची में हैं।

उर्वरक सिफारिशों के लिए ई-फार्म और खेत समतल करने की मशीन जैसे तकनीकी उपाय भी सुझाए गए।

मुख्य बातें

  • रोडमैप चार जिलों के लिए जारी हुआ।
  • ब्रॉड बेड-फरो, सूक्ष्म सिंचाई और खेत तालाब सुझावों में हैं।
  • मिट्टी मानचित्रण, अंतरफसल और बीज ग्राम भी शामिल हैं।

स्रोत और संदर्भ

  1. भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद / भारतीय मृदा विज्ञान संस्थान · उन्नत कृषि महोत्सव 2026 के दौरान मध्य प्रदेश के प्रमुख जिलों में कृषि परिवर्तन हेतु ‘कृषि रोड मैप’ लॉन्च ↗12 अप्रैल 2026

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 16 सितंबर 2026।

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